AIIMS में डॉक्टरों का क्यों हो रहा है इस्तीफा? | AIIMS Doctor Resignation

AIIMS Delhi Resignation: दिल्ली AIIMS का नाम सुनते ही दिमाग में बेहतरीन doctors और सबसे अच्छा इलाज आता है. लेकिन, आजकल एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. दिल्ली AIIMS से लगातार doctors नौकरी छोड़ रहे हैं, जिसकी वजह से वहाँ 1,306 में से 462 posts खाली पड़ी हैं. यह सिर्फ दिल्ली AIIMS की बात नहीं है, बल्कि देशभर के 20 AIIMS में से पिछले 2 साल में 429 doctors इस्तीफा दे चुके हैं. मेरे हिसाब से यह एक बहुत बड़ा problem है, क्योंकि इससे मरीजों के इलाज और डॉक्टरों की training पर सीधा असर पड़ रहा है.

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Doctors क्यों छोड़ रहे हैं AIIMS की नौकरी?

 

आप सोच रहे होंगे कि AIIMS जैसे प्रतिष्ठित institute से doctors क्यों नौकरी छोड़ रहे हैं. इसकी कई वजहें सामने आई हैं.

  • Salary का फर्क: सबसे बड़ा कारण private hospitals में मिलने वाली सैलरी है. AIIMS में जहाँ एक senior resident doctor को लगभग ₹75,000 per month मिलते हैं, वहीं private sector में उसी अनुभव वाले doctor को कई गुना ज़्यादा salary मिलती है. एक Assistant Professor की monthly salary ₹1.08 लाख होती है.
  • Workload और सुविधाओं की कमी: डॉक्टरों का कहना है कि AIIMS में काम का बोझ बहुत ज़्यादा है और facilities की कमी है. इसकी वजह से उन्हें research का भी सही समय नहीं मिल पाता.
  • Mismanagement: कुछ senior doctors ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि institute में leadership की कमी है, जिसकी वजह से उन्हें काम करने में काफी मुश्किल आती है.

 

इसका मरीजों पर क्या असर पड़ रहा है?

 

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doctors की इस कमी का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है. AIIMS में हजारों मरीज आते हैं और अब उन्हें पहले की तरह experienced doctors नहीं मिल पा रहे हैं.

  • Surgery में देरी: रायबरेली AIIMS में तो डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को surgery के लिए डेढ़ साल तक का इंतज़ार करना पड़ रहा है.
  • OPD में लंबी wait: OPD में appointment मिलने में भी बहुत समय लग रहा है.

 

सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

 

सरकार ने इस समस्या को रोकने के लिए कुछ कदम उठाए हैं.

  • Contract पर भर्ती: सरकार ने retired फैकल्टी को 70 साल तक की उम्र के लिए contract पर रखने का प्रावधान किया है.
  • Visiting Faculty Scheme: बाहर के academic institutions से professors को teaching के लिए बुलाने की एक योजना भी शुरू की गई है.

मुझे लगता है कि सरकार को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए, ताकि हमारे देश के सबसे बड़े medical institute में ऐसी दिक्कतें न हों.